मीडिया के हम गुलाम हो गए हैं जबकि कुछ लोग कहते हैं कि हमें राजनेताओं ने गुलाम बनाया है मैं यहां सहमत भी हूं और असहमत भी। देश में आए दिन अखबार या न्यूज़ चैनलों में नए नए घोटाले पब्लिश होते हैं और तथाकथित मीडिया चिल्लाकर कहता है हमने एक खुलासा कर दिया उस खुलासा का जनता पर असर ऐसा होता है कि सारे नेता भ्रष्ट हैं और इस देश में ऐसा ही चलेगा मीडिया भी उन घोटालों के पीछे संबंधित मंत्री या मुख्यमंत्री से बयान लेना चाहते हैं और इस बयानबाजी से आवाम के अंदर यह संदेश जाता है की यह राजनेता या यह पार्टी भ्रष्ट है और हमें इन्हें बदलना है और मीडिया से यह संदेश लेकर जनता सत्ता का परिवर्तन कर भी देती है लेकिन जब दूसरे लोग सत्ता में आते हैं दूसरी पार्टी सरकार बनाती हैं तो घोटालों के मुख्य अभियुक्त यानी सरकारी अधिकारी ,आईएएस जैसे लोग वापस नई पार्टी के साथ मिलकर ,उन्हें सेट करते हैं ।और फिर से एक नए घोटाले को अंजाम देने में लग जाते हैं क्योंकि देश की व्यवस्था के अंदर राजनेताओं को शिक्षा देने की कोई व्यवस्था नहीं है उनके लिए कोई ऐसी परीक्षा भी नहीं है जिससे उन्हें प्रोफेशनल ज्ञान हो उन्हें सिर्फ वोट लेने के...